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केरल की राजनीति में भाजपा की बढ़ती धमक

केरल की राजनीति में भाजपा की बढ़ती धमक

(News Rating Point) 12.09.2017
Keralaजबसे नरेंद्र मोदी वाराणसी से जीत कर देश के प्रधानमंत्री बने और अमित शाह उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत दिलाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. तबसे लगता है कि भाजपा के रणनीति में यूपी के नेता अहम भूमिका में नज़र आ रहे हैं. दक्षिण भारत में एक अहम प्रयोग की भी कर रही है भाजपा. वो पार्टी के युवा नेताओं का इस्तेमाल दक्षिण भारत में भाजपा को खड़ा करने के ली भी कर रही है. इन युवा नेताओं ने केरल में अपनी परफोर्मेंस से साबित भी किया है.
गौरतलब है कि अमित शाह के दक्षिण अभियान की असली धमक तब सुनायी पड़ी कि जब केरल में 13 मार्च 2015 को केरल के वित्त मंत्री केएम मनी के खिलाफ विपक्ष का विधानसभा घेराव हुआ और इस प्रदर्शन में चर्चा का विषय बनी भाजपा. उस समय विधानसभा के 140 में से एक भी सदस्य भाजपा का नहीं था. इसी धमक और भाजपा की रणनीति का असर हुआ कि वरिष्ठ नेता ओ राजागोपाल ने केरल की नेमोम विधानसभा सीट जीत कर इतिहास रच दिया. बीजेपी ने इससे पहले केरल में कभी कोई विधानसभा या लोकसभा सीट नहीं जीती थी. तबसे लगातार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नज़र केरल पर बनी हुई है. भाजपा जानती है कि हिन्दुओं के अलावा ईसाईयों को जोड़कर केरल में भाजपा को स्थापित किया जा सकता है, इसलिए इस रणनीति पर काम हो रहा है. किसी भी सदन का सदस्य ने होने के बावजूद अल्फॉस कन्ननथनम को पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाकर भाजपा ने अपनी रणनीति भी साफ़ कर दी है. अल्फॉस कन्ननथनम 1979 बैच के आइएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता रहे हैं. कन्नथनम ने मंत्री बनने के बाद कह भी दिया कि वह ईसाई समुदाय और भाजपा के बीच सेतु का काम करेंगे.
इसके साथ ही भाजपा की युवा टीम केरल में पार्टी को खड़ा करने के लिए जोरदार ढंग से जुटी है. अमित शाह ने पूनम महाजन की अगुवाई वाली युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम पर केरल मुहिम के लिए भरोसा किया है. इस टीम में यूपी का भी एक युवा तुर्क महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है. लखनऊ का अभिजात मिश्रा इस टीम में राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर मौजूद है. केरल में कुछ महीने पहले सचिवालय के सामने पूनम महाजन और अभिजात की टीम ने जोरदार प्रदर्शन कर अपनी ताकत का अहसास करा दिया. इस दौरान युवा मोर्चा की कांग्रेस के युवा संगठन के साथ भिड़ंत हुई. लेकिन युवा मोर्चा के इस प्रदर्शन की पूरे देश में चर्चा हुई. इस चर्चा के साथ अभिजात मिश्रा का नाम उभर कर सामने आया.
Kerala 2लखनऊ के अभिजात मिश्रा बचपन से ही आरएसएस से जुड़े हैं. पच्चीस साल की आयु में वह युवा मोर्चा राजनीति में आए और लखनऊ नगर उपाध्यक्ष बनाए गए. तीन साल बाद अभिजात को लखनऊ में भाजपा का नगर महामंत्री बनाया गया. फिर अभिजात को भाजपा युवा मोर्चा का नगर अध्यक्ष बना दिया. 31 वर्ष की आयु में अभिजात ने लखनऊ के नगर महामंत्री का दायित्व संभाल और 34 वर्ष की आयु में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे. केरल में भाजपा की सियासत को आगे बढ़ाने में अभिजात बड़ी भूमिका अदा कर रहे हैं. खासतौर से वहां युवा संगठन को मजबूत करने और वहां के कार्यकर्ताओं के जोश भरने में. अभिजात का कहना है कि पहले केरल में भाजपा हाशिये पर थी और सत्ता से दूर-दूर तक नाता नहीं था. ज़ाहिर है कि वहां के कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास की कमी रहती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है बल्कि वहां संगठन का लगातार विस्तार होता जा रहा है. केंद्र में सरकार बनने का भी एक फायदा है कि प्रदेश सरकार गलत तरीके से कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न करने की कोशिश करती है तो बात दिल्ली तक पहुँचती है. साथ ही वरिष्ठ नेताओं की भी नज़र लगातार केरल पर बनी हुई है. इसके चलते केरल में भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित होकर काम कर रहे हैं.

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