Sonia Gandhi Congress

0

HIT **** (News Rating Point) 21.03.2015
सोनिया गांधी को शायद ही कभी इतने आक्रामक और सक्रिय अंदाज़ में देखा गया हो. लगने लगा कि यह सोनिया गांधी का नया अवतार है, चाहे वह भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध हो या फिर विपक्ष को संगठित करना हो या अन्ना हजारे का समर्थन हासिल करना हो या फिर राजस्थान में किसानो का दर्द समझने की कोशिश और उनका समर्थन. ऐसा लगा कि सोनिया गांधी अपनी पार्टी को महसूस ही नहीं कराना चाहती हैं कि राहुल गांधी सियासी सीन से गायब हैं.

Sonia Gandhi 2.0: A message to Rahul that he is no longer needed to run Congress?- ‘Maiyya rehti hai bimar, Bhaiyya par Congress ka bhaar, Priyanka Phoolpur se bano ummeedwar,’ desperate Congress supporters had pleaded during the Lok Sabha election. Elections got over almost a year ago; Bhaiyya has now become a burden on the Congress and Priyanka is showing no signs of joining politics. So the ailing mother has come out on the streets to save Congress. Those who composed the limerick cum SOS must be wondering if they had written off Sonia Gandhi a bit too early. Sonia has been unusually active over the past few days. First she made a rare speech in the Parliament on the issue of assistance to Andhra Pradesh, proceeded to lead a march to Rashtrapati Bhavan against the land acquisition bill and on Thursday toured the rain-affected areas of Rajasthan.
-First Post
मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के खिलाफ एकजुट विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में मंगलवार शाम को 14 विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ज्ञापन सौंप कर विपक्षी दलों ने भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल को रोकने के लिए दखल देने की मांग की. मार्च की अगुवाई कर रही सोनिया ने सरकार को चेता दिया कि भले ही उसने लोकसभा से बिल को पारित करा लिया हो लेकिन राज्यसभा से पास नहीं होने दिया जाएगा.
अमर उजाला
हाल के चुनावों में कांग्रेस की लगातार हार की हताशा, गुटबाजी और नेतृत्व पर उठ रहे सवालिया निशानों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पूरे तेवर में नजर आ रही हैं. मंगलवार को वह एक सशक्त विपक्ष नेता की तरह सामने आईं और संसद से सड़क तक आक्रामक अंदाज में मोदी सरकार व उनकी नीतियों का पुरजोर विरोध किया.
नवभारत टाइम्स
भूमि अधिग्रहण विधेयक पर सरकार को घेरने सड़क पर उतरी कांग्रेस उत्साहित है. मोदी सरकार के गठन के साथ ही विपक्ष को एकीकृत कर नेतृत्व करने के प्रयास में लगी कांग्रेस को आशा है कि वह कामयाब होगी. संसद से राष्ट्रपति भवन तक विपक्षी दलों की मार्च का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिल के मौजूदा स्वरूप को पास न होने देने की बात कही है.
दैनिक जागरण
सोनिया की कामयाबी, राहुल की राह का रोड़ा- मोदी सरकार को घेरने के लिए हर विकल्प आजमा रही कांग्रेस भूमि अधिग्रहण पर अन्ना हजारे का साथ पाने में कामयाब हो गई है. कभी सोनिया गांधी की कांग्रेस के खिलाफ जंतर मंतर पर धरने पर बैठे अन्ना ने कांग्रेस अध्यक्ष से सहयोग मांगा है. सोनिया को पत्र लिखकर हजारे ने राज्यसभा में भूमि विधेयक को पारित न होने देने की अपील की है. हजारे के जवाब में सोनिया ने उन्हें 14 पार्टियों के साथ विरोध मार्च का उल्लेख करते हुए बिल को पास न होने देने की बात कही है.
दैनिक जागरण
ईमानदार छवि वाले आईएएस अधिकारी डीके रवि की मौत के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सलाह दी है.
एनडीटीवी
“बहुत बुरे हालात हैं. किसानों का बहुत नुकसान हुआ है. मैंने खुद इनसे बात की है, देखा है. इन्हें जल्द मुआवजा मिलना चाहिए. सरकार के पास पैसा है, साधन है. जल्द से जल्द मदद देनी चाहिए. किसानों के लिए हम संघर्ष करेंगे.” कुछ ऎसी बातें कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को जिले के ओलावृष्टि पीडित गांव दरबीजी व मोरपा में 55 मिनट तक ग्रामीणों के बीच रहकर कही.
राजस्थान पत्रिका
राजस्थान में ओला वृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलने आज सोनिया गांधी कोटा पहुंचीं. वहां उन्होंने किसानों के लिए मुआवज़े की मांग की. राजनीतिक नजरिया से देखे जाने वाले इस दौरे से कांग्रेस यह संदेश साफ़ देना चाहती थी कि वह किसानों की हित का ख्याल रखने वाली पार्टी है.
एनडीटीवी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज राजस्थान के बारिश और ओलों से प्रभावित इलाकों के किसानों से मिलेंगी, सोनिया कोटा जिले के मोरपा और दरभीजी गांव जाएंगी.
एबीपी न्यूज़
मोदी सरकार की अगुवाई में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ मार्च किया गया . विपक्षी दलों का पैदल मार्च मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर है. इस मार्च की अगुवाई सोनिया गांधी ने की जिसमें 11 विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए .
ज़ी न्यूज़
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एच डी देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, नजमा हेपतुल्ला और राम विलास पासवान उन 300 से अधिक सांसदों में शामिल हैं जो बिजली पानी के बिल बकाया रहने को लेकर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उल्लंघनकर्ताओं की सूची में शामिल हैं.
पंजाब केसरी
The Karnataka government, which has so far resolutely rejected the widespread demand for an investigation by the CBI into the death of 36-year-old IAS officer DK Ravi, is now set to announce one, possibly on Monday in the state assembly, sources have said. The change of heart was brought about not by the tidal wave of protests in the state, but “advice” from Congress president Sonia Gandhi to Chief Minister Siddaramaiah of her party to hand over investigation to the central agency.
– NDTV
In yet another proactive step in opposing the NDA government’s move to bring changes to the Land Acquisition Act, 2013, Congress president Sonia Gandhi has written to activist Anna Hazare, saying she shared his concerns over the proposed amendments and that her party would continue to fight the bill.
– The Indian Express

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here