एनआरपी डेस्क।
लखनऊ। 31 मई को यूपी को नया डीजीपी मिलेगा या वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार को सेवा विस्तार या कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने की पूचे सरकार की परंपरा फिलहाल जारी ही रहेगी। डीजीपी बनाने में यूपीएससी का दखल रहेगा या फिर सरकार अपनी नियमावली के मुताबिक डीजीपी को चुनेगी। 25 मार्च को डीजीपी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली फाइनल सुनवाई आगे बढ़ेगी या फिर कोर्ट फैसला लेगा। ये सारे सवाल आजकल पुलिस महकमे के साथ सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बने है। डीजीपी की कुर्सी को लेकर एनबीटी ने ऐसे ही सारे पहलुओं और कुर्सी के नए दावेदारों को परखा। दरअसल, चर्चा इसलिए भी तेज हुई है क्योंकि मार्च का महीना शुरू होते हो डीजीपी को कुर्मी का काउंटडाउन शुरू हो गज है। अमूमन नए डीजीपी व वर्तमान डोनीपों के सेवा विस्तार के लिए करीब तीन महीने पहले से ही प्रक्रिया शुरू हो जाती है। वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार का 31 मई को रिटायरमेंट है। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के समापन के बाद जिस तरह सीएम योगी ने यूपी पुलिस को सराहा है, उसके बाद से महकमे में प्रशांत कुमार के सेवा विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। हालांकि, चर्चाओं में यह भी है कि कार्यवाहक डीजीपी को सेवा विस्तार में कई तकनीकी पेंच भी है।



